बाढ़ (पटना): बिहार के बाढ़ अनुमंडल से एक हृदयविदारक मामला सामने आया है, जहाँ 21वीं सदी में भी समाज अंधविश्वास की बेड़ियों में जकड़ा नजर आ रहा है। दयाचक मोहल्ले की रहने वाली अंजलि देवी पर उन्हीं के रिश्तेदारों ने 'कुप्रथा' का कलंक लगाकर जानलेवा हमला कर दिया। इस बर्बरता के बाद महिला अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही है।

भीड़ ने किया दुकान पर हमला

घटना उस वक्त की है जब अंजलि अपनी दुकान पर रोजमर्रा का काम कर रही थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक 10 के करीब लोगों ने दुकान को घेर लिया। भीड़ ने महिला पर बेबुनियाद आरोप लगाते हुए उन पर लाठियों और डंडों से प्रहार करना शुरू कर दिया। अंजलि तब तक पीटी गई जब तक वह निढाल होकर जमीन पर नहीं गिर पड़ीं। उन्हें मरा हुआ समझकर हमलावर वहाँ से भाग निकले।

साजिश में शामिल निकले 'अपने ही'

इस हमले की सबसे विचलित करने वाली बात यह है कि पीड़िता ने अपनी मौसी और मामी को ही इस खूनी खेल का मुख्य सूत्रधार बताया है।

  • लगातार प्रताड़ना: पीड़िता के पति के अनुसार, अंजलि को पहले भी दो बार इसी तरह के झूठे आरोपों के आधार पर प्रताड़ित किया गया था।

  • नकाबपोश हमलावर: बताया जा रहा है कि महिला रिश्तेदारों ने कुछ नकाबपोश युवकों को भी इस हमले के लिए साथ रखा था।

वीडियो से प्रशासन पर उठे सवाल

सोशल मीडिया पर इस घटना का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि जिस वक्त महिला को पीटा जा रहा था, वहाँ पुलिस भी मौजूद थी, फिर भी हमलावर बेखौफ थे।

पुलिसिया कार्रवाई:

  1. परिजनों की शिकायत पर बाढ़ थाने में नामजद केस दर्ज किया गया है।

  2. वायरल वीडियो को साक्ष्य मानकर आरोपियों की धरपकड़ शुरू कर दी गई है।

  3. अस्पताल में भर्ती पीड़िता की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।